Gardening
Sunday, September 20, 2020
मोगरा : जो घर महका दे।
Monday, September 14, 2020
मनी प्लांट लगाने के नियम
जानें मनी प्लांट की देखभाल के आसान तरीके ।
फेंग शुई की माने तो घर में अगर मनी प्लांट लगाया जाए तो घर में बरक्कत बनी रहती है। इसे उगाने के लिये ज्यादा ताम-झाम भी नहीं करनी पड़ती । मनी प्लांट को घर में भी लगा सकते हैं और बगीचे में भी। हां, पर इसका यह मतलब नहीं है कि आपको इस पर बिल्कुल ध्यान देने की जरुरत नहीं है। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में लगाया हुआ मनी प्लांट अच्छी तरह से ग्रो करे तो, उसके लिये आपको उसे धूप दिखानी पडे़गी। इसके अलावा और भी कुछ खास टिप्स हैं, जो आपके मनी प्लांट की ग्रोथ बढा कर घर में मनी ही मनी कर देगा। तो ध्यान से पढे़-
मनी प्लांट की ग्रोथ कैसे बढाएं
बोतल का प्रयोग-
अच्छा होगा कि मनी प्लांट को सबसे पहले किसी बोतल में लगाया जाए। जब उसकी जड़े निकल आएंगी तब उसे किसी गमले में लगा दिया जाए। इससे वे जल्दी उगेगें।
पानी की जरुरत-
मनी प्लांट में ज्यादा पानी नहीं डालना चाहिये। इन्हें उगने के लिये ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती। सर्दियों में हफ्ते में 2-3 दिन बार गमले में पानी डालें और गर्मियों में हफ्ते में 6-7 दिन ।
डायरेक्ट सूरज की धूप-
मनी प्लांट को सूरज की धूप बहुत पसंद है। आप उसे खुली खिड़की पर रखेगें तो आप पाएंगे कि वह सूरज की ही ओर ग्रो कर रहा होगा। इसलिये मनी प्लांट को रोज तो नहीं पर फिर भी एक-एक दिन छोड़ कर धूप दिखाएं।
खाद का प्रकार-
इसमें आप किसी भी प्रकार की खाद प्रयोग कर सकते हैं।
उप्पर बांध कर रखें-
प्लांट के तने को किसी लकड़ी या प्लास्टिक के खंबे के साथ बांध दें तो यह जल्द बढे़गा।
कटिंग-
प्लांट की सूखी पत्तियां और लतों को काट कर आप उनकी ग्रोथ को बढा सकते हैं।
वास्तुशास्त्र के अनुसार मनी प्लांट लगाने के नियम
मनी प्लांट को लगाने का आशय ही यह होता है कि व्यक्ति सुख-संपन्नता चाहता है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि मनी प्लांट लगाने के बाद खर्चे बढ़ते ही जाते हैं। तमाम तरह के आर्थिक नुकसान होने लगते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होने लगता है? दरअसल वास्तुशास्त्र में मनी प्लांट को लेकर कुछ खास टिप्स बताए गए हैं। मान्यता है कि इन्हें फॉलो करने से धन और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं…
मनी प्लांट इस दिशा में ही रखें
वास्तु के अनुसार जब कभी भी मनी प्लांट लगाना हो तो उसकी प्लेसिंग ठीक से करें। ध्यान रखें कि मनी प्लांट को हमेशा आग्नेय दिशा यानी कि दक्षिण-पूर्व में ही लगाना चाहिए। इसके पीछे कारण यह है कि इस दिशा के देवता श्रीगणेशजी है, जो सभी विघ्नों के नाशक हैं। यह सबसे शुभ दिशा मानी जाती है। इस दिशा में रखने से कभी भी धन की कमी नहीं होगी। साथ ही घर में सुख-समृद्धि आएगी।
गलती से भी इस दिशा में न रखें
वास्तु में जिस तरह मनी प्लांट को रखने की सही दिशा आग्नेय बताई गयी है। वैसे ही ईशान दिशा यानी कि उत्तर-पूर्व में इसे रखने की मनाही है। कहा जाता है कि इस दिशा में मनीप्लांट रखने से आपको भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यह आर्थिक और समाजिक दोनों ही हो सकता है। ध्यान रखें इस दिशा में मनी प्लांट रखने पर आपको धनहानि के साथ-साथ रिश्तों में भी तकलीफें झेलनी पड़ सकती हैं।
मनी प्लांट यहां तो हरगिज न लगाएं
मनी प्लांट को लेकर वास्तुशास्त्र में बताया गया है कि इसे कभी भी घर के बाहर न रखें। हमेशा अंदर ही रखना चाहिए। साथ ही कोशिश करें कि इसे ऐसी जगह रखें, जहां दूसरों की सीधी नजर इसपर न पड़े। इसका कारण यह है कि कुछ लोगों की नजरें काफी खराब होती हैं। इससे कई बार मनी प्लांट सूखने लगता है या फिर बढ़ता ही नहीं। इसलिए इसे घर के अंदर ही लगाएं।
ऐसी पत्तियां हों तो आती है सुख-समृद्धि में बाधा
Friday, September 11, 2020
गुलाब - महक जाएगा आपका घर
अगर आप घर सजाने के शौकीन हैं तो गुलाब का कम से कम एक पौधा तो आपके घर जरूर होगा और इसमें खूब सारे फूल खिलते भी देखना चाहते होंगे. तो इसके लिए रसायनिक खाद की बजाय प्राकृतिक खाद का इस्तेामाल करें. घर में मौजूद कुछ चीजें ही घर में खूबसूरत गुलाब महकाने के लिए काफी हैं.
गुलाब को फूलों का राजा भी कहा गया है। यह फूल भारत के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में उगाया जाता है। दूसरे अन्य फूलों की तुलना में गुलाब का व्यावसायिक महत्व सबसे ज्यादा है। गुलाब बहुवर्षीय पौधा है। इस पौधे को रोपते समय वातावरण का ठंडा होना जरूरी है।
सूरज की रोशनी का गुलाब के पौधों पर गहरा असर होता है। इसे तेज धूप की जरूरत होती है, लेकिन ज्यादा प्रकाश की तीव्रता और कम तापमान में इसमें फूल नहीं आते। इसके अलवा भी गुलाब का पौधा लगाते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
जानिए इस बारे में -
1-मिट्टी हो ऐसी
गुलाब को बलुई, दोमट मिट्टी, जिसमें कार्बनिक पदार्थ की मात्रा भरपूर हो, की जरूरत होती है।
2-लगाने का तरीका
वैसे तो गुलाब के फूलों को सुखाकर उनके बीज तैयार किए जाते हैं। लेकिन इसे गुलाब की कलम द्वारा भी लगाया जा सकता है। यह सबसे सरल और कम लागत वाली विधि है। इसके द्वारा पौधा लगाने वाले खुद पौधा बना सकते हैं और एक साल पुरानी गुलाब की कलमों का इस्तेमाल किया जाता है। कलम लगाने के बाद उनमें अच्छी तरह जड़ें और तना विकसित होने के बाद उन्हें दूसरे स्थान पर रोपित करना चाहिए।
3-सिंचाई-देखभाल
पौधे रोपने के बाद गुलाब के पौधों को फुहार विधि से सींचना चाहिए। अगर पौधे गमले में लगाए हैं तो उन पर ऊपर से पानी का छिड़काव करना चाहिए। इससे पौधों में शाखाएं जल्दी फूटती हैं।
पानी की मात्रा पौधे की वृद्धि और सूर्य की रोशनी की तीव्रता पर निर्भर करती है। गुलाब के पौधे में अधिक पानी की जरूरत होती है। गुलाब के पौधों में पानी सुबह 9 से शाम 3 बजे के बीच देना चाहिए।
गुलाब के पौधों की वृद्धि के लिए अन्य पौधों की भांति नाइट्रोजन युक्त खाद देनी चाहिए इसके अलावा खाद में नाइट्रेट, फास्फोरस, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैग्नीज, सल्फर जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व गुलाब के फूलों के लिए अति आवश्यक हैं।
समय-समय पर इनमें आने वाली खरपतवार निकाल देनी चाहिए और मिट्टी की निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिए। गुलाब की डंडियों को सीधा रखने के लिए इन्हें सहारा देने के लिए लोहे के या प्लास्टिक के पाइप लगाने चाहिए।
4. अगर आपके पास कॉफी सीड्स हैं तो इनको दरदरा पीसकर गुलाब के पौधों के लिए खाद के रूप में इस्तेमाल करें. इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम, नाइट्रोजन और दूसरे जरूरी तत्व मौजूद होते हैं जो पौधों को बढ़ने में मदद करते हैं.
5. सफेद सिरके का इस्तेमाल आप मिट्टी की अम्लीयता को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं. गुलाब के पौधे के विकास के लिए अम्लीय मृदा काफी अच्छी होती है. इसके साथ ही दूसरे पोषक तत्वों को भी खाद में शामिल करें.
6. जिस तरह केला हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है, उसी तरह केले का छिलका गुलाब के पौधों के लिए. इसमें पोटैशियम की पर्याप्त मात्रा होती है. केले के छिलकों को मिट्टी में कुछ नीचे दबा दीजिए. इससे पौधों की ग्रोथ अच्छी होगी और फूल भी खूबसूरत आएंगे।
7. अगर आपके घर में अक्वेरियम है तो सप्ताह में एकबार तो उसका पानी चेंज करते ही होंगे. इस पानी को फेंकने की बजाय गुलाब के गमलों में डाल देने से पौधे व फूल अच्छे रहते हैं.
8. गुलाब के पौधों को कैल्शियम की भी भरपूर आवश्यकता होती है जो अंडे के छिलकों में मिलता है. तो अंडे के छिलकों को कूड़े में फेंकने से बेहतर है कि इनका चूरा बनाकर मिट्टी में मिला दें. यह गुलाब के पौधों के लिए बेहतर खाद साबित होगा.
Thursday, September 10, 2020
किचन गार्डन
तुलसी का पौधा - तुलसी की ऐसे करें देखभाल।
Monday, August 10, 2020
घर में सुख समृद्धि बढ़ाने के लिए जानें गेंदा का पौधा लगाने का सही तरीका
पूजा-पाठ के लिए हम अक्सर गेंदे के फूलों की माला का उपयोग करते हैं। साथ ही इसका इस्तेमाल त्योहारों में घर की साज-सज्जा में भी किया जाता है। आप चाहें तो गेंदे के इन फूलों से अपनी बगिया की खूबसूरती भी बढ़ा सकती हैं।
पीले, संतरी और इन्हीं रंगों के अलग-अलग शेड वाले गेंदे के फूल आपकी बगिया को खूबसूरत बनाते हैं। यह एक ऐसा फूल है, जो पहले सिर्फ मैक्सिको में ही उगाया जाता था, आज यह दुनिया के ज्यादातर देशों में उगाया जाता है। इस फूल की सबसे बड़ी खूबी है कि इसे बहुत कम देखभाल में, कहीं भी, आसानी सेलगाया जा सकता है।
कई तरह की किस्में हैं मौजूद अफ्रीकी, फ्रांसीसी मैरीगोल्ड को टैगिट्स कहा जाता है। अफ्रीकी मैरीगोल्ड का पौधा 2 से 5 फीट की लंबाई का होता है, इसके फूल पीले और नारंगी रंग के होते हैं।कहीं-कहीं इसका गहरा संतरी रंग गहरी लाली लिए होता है। फ्रेंच मैरीगोल्ड, जिसे टैगिट्स पैचूला कहा जाता है, इसकी भी कई किस्में होती हैं। इसका पौधा 5 से 18इंच तक लंबा होता है। इसमें पीले, संतरी और महोगनी रंग के फूल आते हैं, जिनका व्यास 2 इंच तक होता है। सिगनेट मैरीगोल्ड का इस्तेमाल व्यंजनों में केसरके स्थान पर किया जाता है। यह किस्म दूसरी मैरीगोल्ड से बिल्कुल अलग होती है। इसके फूल पीले और लाल रंग के होते हैं।
उगने के बाद इन्हें नियमित पानी दें और ज्यादा दिन तक सूखा न रखें, ज्यादा गर्मी मेंइन्हें प्रतिदिन पानी दें। जमीन के भीतर अगर इनकी जड़ें मजबूत हो जाती हैं तो इन्हें गमलों में रोप सकते हैं। इन्हें ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती लेकिन बहुतकम खाद में भी इनके फूल पूरे नहीं खिलते। इनमें कीड़े लगने का खतरा नहीं होता, लेकिन इन्हें नमी से बचाना जरूरी होता है।
गार्डन बॉर्डर पर लगाएं गेंदा यानी मैरीगोल्ड को बड़े गार्डन में बॉर्डर पर ज्यादा लगाया जाता है। इस तरह इसके रंग-बिरंगे फूल बगिया को खूबसूरती देते हैं। इन्हें दूसरे फूलों के बीच मेंलगाकर अपनी बगिया को रंग-बिरंगा बनाया जा सकता है। इन्हें कंटेनर में भी लगा सकते हैं।
मोगरा : जो घर महका दे।
मोगरा एक प्रकार का पौधा है जिसके फूल छोटे छोटे सफेद रंग के साथ बहुत हीं खुशबूदार होते है । इसका वानस्पतिक नाम “Jasminum sambac” है । मोगरा...

-
मोगरा एक प्रकार का पौधा है जिसके फूल छोटे छोटे सफेद रंग के साथ बहुत हीं खुशबूदार होते है । इसका वानस्पतिक नाम “Jasminum sambac” है । मोगरा...
-
पूजा-पाठ के लिए हम अक्सर गेंदे के फूलों की माला का उपयोग करते हैं। साथ ही इसका इस्तेमाल त्योहारों में घर की साज-सज्जा में भी किया जाता है।...
-
घर में बगीचा रखने के शौकीन लोगों के लिए बारिश का मौसम एकदम सही मौसम है। इस मौसम में आप बागवानी का भरपूर मजा ले सकते हैं, साथ ही प्रकृत...